उत्तराखंड सर्किल रेट और स्टांप ड्यूटी

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सर्किल रेट किसी रोड की जमीन का सरकार द्वारा तय न्यूनतम मूल्य है: रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी इसी मूल्य या आपकी तय कीमत, दोनों में से जो ज़्यादा हो, उस पर लगती है। दरें ₹ प्रति वर्ग मीटर में अधिसूचित होती हैं। नीचे कैलकुलेटर से हस्ताक्षर करने से पहले ही अपनी ड्यूटी का हिसाब लगाएँ; 403 रोड की खोज योग्य सूची अंग्रेज़ी पेज पर है।

देहरादून

330 रोड की दरें
मीडियन ₹51,500/वर्ग मीटरदायरा ₹4,900 - ₹1,48,000

पौड़ी गढ़वाल

73 रोड की दरें
मीडियन ₹6,860/वर्ग मीटरदायरा ₹160 - ₹46,000

🧮 स्टांप ड्यूटी और मूल्य कैलकुलेटर

रोड का सर्किल रेट और अपने प्लॉट का क्षेत्रफल किसी भी इकाई में भरें। रजिस्ट्रार सर्किल मूल्य और आपकी तय कीमत, दोनों में से जो ज़्यादा हो, उस पर ड्यूटी लेता है।

न्यूनतम मूल्य और ड्यूटी देखने के लिए सर्किल रेट और क्षेत्रफल भरें।

केवल अनुमान के लिए। ड्यूटी और फीस के प्रतिशत उत्तराखंड में आम तौर पर लागू दरों के हैं; छूट अधिसूचना से बदलती रहती है और सब-रजिस्ट्रार की गणना ही मान्य है। खरीद का बजट बनाने से पहले वर्तमान दरें ज़रूर पुष्ट करें।

अपनी रोड का सर्किल रेट खोजना है? रोड, तहसील और रोड-टाइप के हिसाब से छाँटने वाली पूरी सूची (रोड के नाम अंग्रेज़ी में हैं) यहाँ खोलें →

स्टांप ड्यूटी का हिसाब कैसे लगता है

  1. अपने प्लॉट की रोड का सर्किल रेट पता करें, ₹ प्रति वर्ग मीटर में।
  2. उसे प्लॉट के क्षेत्रफल (वर्ग मीटर में) से गुणा करें; यही न्यूनतम आँका गया मूल्य है। पहाड़ के सौदे नाली में होते हैं: 1 नाली ≈ 200.67 वर्ग मीटर।
  3. ड्यूटी इस मूल्य और आपकी तय कीमत में से ज़्यादा पर लगती है: आम तौर पर 5% (महिला खरीदार के लिए 3.75%), साथ में 2% रजिस्ट्रेशन फीस, अधिकतम ₹25,000।
उदाहरण। ₹10,000/वर्ग मीटर वाली रोड पर 1 नाली: 200.67 वर्ग मीटर × ₹10,000 = ₹20,06,700 न्यूनतम मूल्य → 5% की दर से स्टांप ड्यूटी ≈ ₹1,00,335 + रजिस्ट्रेशन फीस ₹25,000 (2% सीमा तक पहुँच जाती है)।

जमीन किन इकाइयों में बोली जाती है

दरें वर्ग मीटर में छपती हैं, पर पहाड़ में कोई वर्ग मीटर में बात नहीं करता। रोज़मर्रा की इकाइयाँ:

1 नाली16 मुट्ठी = 240 गज ≈ 200.67 वर्ग मीटर ≈ 2,160 वर्ग फुट
1 मुट्ठी1/16 नाली ≈ 12.54 वर्ग मीटर ≈ 135 वर्ग फुट
1 एकड़≈ 20.2 नाली ≈ 4,047 वर्ग मीटर
1 बीघा (मैदानी)≈ 900 गज ≈ 752.5 वर्ग मीटर (जगह-जगह अलग)
1 हेक्टेयर (खतौनी की इकाई)10,000 वर्ग मीटर ≈ 49.8 नाली

हर इकाई का पूरा कन्वर्टर: नाली-बीघा-हेक्टेयर कन्वर्टर। खतौनी में हमेशा हेक्टेयर दर्ज होता है; हस्ताक्षर से पहले मिलान कर लें।

खरीदने से पहले

सर्किल रेट - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सर्किल रेट क्या होता है?

सर्किल रेट (कलेक्टर रेट या न्यूनतम दर) किसी रोड या इलाके की जमीन का सरकार द्वारा अधिसूचित न्यूनतम मूल्य है। रजिस्ट्री के समय सब-रजिस्ट्रार संपत्ति की कीमत कम से कम इसी दर पर आँकता है, चाहे आपने कम में खरीदा हो। इसी से स्टांप ड्यूटी की न्यूनतम रकम तय होती है।

स्टांप ड्यूटी सर्किल रेट पर लगती है या मेरी कीमत पर?

दोनों में से जो ज़्यादा हो, उस पर। आपकी तय कीमत सर्किल मूल्य से ऊपर है तो ड्यूटी आपकी कीमत पर लगेगी; सर्किल मूल्य से नीचे खरीदा है तो ड्यूटी फिर भी सर्किल मूल्य पर ही लगेगी।

उत्तराखंड में स्टांप ड्यूटी कितनी है?

आम तौर पर लागू दरें: सामान्य खरीदार के लिए आँके गए मूल्य का 5% और महिला खरीदार के लिए 3.75%, साथ में 2% रजिस्ट्रेशन फीस जिसकी अधिकतम सीमा ₹25,000 है। छूट अधिसूचना से बदलती रहती है, इसलिए बजट बनाने से पहले सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से वर्तमान दरें पुष्ट करें।

एक नाली में कितनी जमीन होती है?

1 नाली = 16 मुट्ठी = 240 गज, यानी लगभग 200.67 वर्ग मीटर या करीब 2,160 वर्ग फुट। लगभग 20 नाली का एक एकड़ होता है। कुमाऊँ और अधिकांश गढ़वाल में पहाड़ी जमीन नाली में ही बोली जाती है, जबकि खतौनी में क्षेत्रफल हेक्टेयर में दर्ज होता है।

क्या सर्किल रेट से कम कीमत पर रजिस्ट्री हो सकती है?

हाँ, सर्किल रेट से कम के सौदे की रजिस्ट्री हो सकती है, पर स्टांप ड्यूटी सर्किल मूल्य पर ही लगेगी। घोषित कीमत और सर्किल मूल्य में बड़ा अंतर हो तो खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए आयकर नियमों के तहत जाँच की गुंजाइश भी बनती है।

सर्किल रेट कब-कब बदलते हैं?

जिला प्रशासन समय-समय पर, आम तौर पर हर एक-दो साल में, दरें संशोधित करता है और संशोधित दरें अधिसूचना की तारीख से लागू होती हैं। इस पेज के आंकड़े प्रकाशित अनुसूचियों से हैं और सांकेतिक माने जाएँ; रजिस्ट्री के दिन अधिसूचित दर ही मान्य है।

यह पेज किन जिलों को कवर करता है?

रोड-वार खोज योग्य सूची में फिलहाल देहरादून और पौड़ी गढ़वाल जिलों की 12 तहसीलों की दरें हैं, जिनमें देहरादून शहर, ऋषिकेश, विकासनगर, कालसी, चकराता, पौड़ी, श्रीनगर, कोटद्वार और लैंसडाउन शामिल हैं। बाकी जिलों के लिए स्थानीय सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की अधिसूचित अनुसूची देखें।

क्या बाहरी लोग उत्तराखंड में जमीन खरीद सकते हैं?

राज्य के बाहर के लोग बिना अनुमति सीमित आवासीय जमीन (आम तौर पर 250 वर्ग मीटर तक बताई जाती है) खरीद सकते हैं। इससे बड़ी जोत और कृषि भूमि के लिए राज्य के भू-कानूनों के तहत सरकारी अनुमति चाहिए, और हाल के वर्षों में ये नियम सख्त हुए हैं। छोटे आवासीय प्लॉट से बड़ी किसी भी खरीद में कानूनी सलाह लें।

दरें सरकारी संशोधन से बदलती हैं, इसलिए इन्हें सांकेतिक मानें और किसी भी लेन-देन से पहले सब-रजिस्ट्रार (SRO) से वर्तमान अधिसूचित दर पुष्ट करें।